UPTET 2026 : Math + Science के 15 Most Important MCQs | 2nd Paper Only
उत्तर प्रदेश के परिषदीय शिक्षकों के लिए बुरी खबर है। बेसिक शिक्षा विभाग ने अंतर्जनपदीय तबादलों यानी एक जिले से दूसरे जिले में ट्रांसफर पर फिलहाल रोक लगा दी है। जनगणना कार्य और शिक्षक समायोजन प्रक्रिया के चलते ये फैसला लिया गया है।
*कब तक लगा है ब्रेक?*
सरकारी आदेश के अनुसार जनगणना का पहला चरण 20 जून 2026 तक चलेगा। दूसरा चरण अगले साल फरवरी में होगा। विभाग ने साफ किया है कि जनगणना पूरा होने तक यानी 31 मार्च 2027 तक शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं किए जाएंगे।
*क्यों बढ़ी शिक्षकों में निराशा?*
प्रदेश में हजारों शिक्षक-शिक्षिकाएं 10 से 15 साल से अपने गृह जनपद से दूर दूसरे जिलों में तैनात हैं। वे परिवार से दूर रहने के कारण पारिवारिक जिम्मेदारियां ठीक से नहीं निभा पा रहे। पिछली बार केवल 500 शिक्षकों का ही तबादला हो सका था।
*कोर्ट का क्या है आदेश?*
शिक्षक समायोजन मामले में हाईकोर्ट ने 20 जून 2026 तक सभी आपत्तियों का निस्तारण करने को कहा है। अगली सुनवाई 3 जुलाई 2026 को होगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि तब तक किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण या पुनर्नियोजन नहीं किया जाएगा। अधिशेष शिक्षकों की पहचान `फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट` सिद्धांत से होगी।
*शिक्षक संगठनों की मांग*
शिक्षक संगठनों ने वरिष्ठता आधारित स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने और हर वर्ष नियमित तबादले करने की मांग की है। हर रोज संगठन और जनप्रतिनिधि मंत्री और अधिकारियों से मिल रहे हैं, लेकिन विभाग ने ट्रांसफर से साफ इनकार कर दिया है।
*मुख्य बिंदु:*
1. *स्थानांतरण पर रोक*: 31 मार्च 2027 तक कोई अंतर्जनपदीय तबादला नहीं
2. *वजह*: जनगणना और शिक्षक समायोजन का कार्य
3. *प्रभावित शिक्षक*: 10-15 साल से गैर जनपद में तैनात हजारों शिक्षक
4. *अगली सुनवाई*: 3 जुलाई 2026 को हाईकोर्ट में
5. *समायोजन नियम*: `फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट` के आधार पर अधिशेष शिक्षक चिह्नित होंगे
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