English Day 7 - Grammar & Pedagogy | Tense, Voice, LSRW Skills CTET Paper 2 Notes 2026
नमस्कार दोस्तों, CTET और UPTET की तैयारी करने वाले सभी साथियों का mybasiceducator.com की CDP Series के Day 7 में स्वागत है. आज हम बाल विकास के सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांत जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत को विस्तार से समझेंगे. CTET में इससे हर साल 2 से 3 प्रश्न जरूर आते हैं.
जीन पियाजे स्विट्जरलैंड के एक प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक थे. इन्होंने बच्चों के सोचने, समझने और सीखने की प्रक्रिया पर गहरा अध्ययन किया. पियाजे के अनुसार बच्चे जन्म से ही सक्रिय शिक्षार्थी होते हैं. वे अपने आसपास की दुनिया से अनुभव लेकर अपना ज्ञान खुद बनाते हैं. इस प्रक्रिया को पियाजे ने रचनावाद कहा.
1. स्कीमा: स्कीमा मानसिक संरचना है. बच्चा हर नई जानकारी को अपने पुराने स्कीमा में जोड़ता है. जैसे बच्चा पहले कुत्ते को देखकर स्कीमा बनाता है कि 4 पैर वाला जानवर कुत्ता है.
2. समायोजन: जब नई जानकारी पुराने स्कीमा में फिट नहीं होती तो बच्चा अपने स्कीमा को बदलता है. इसे समायोजन कहते हैं. जैसे बच्चा गाय को देखकर पहले कुत्ता कहता है, फिर सीखता है कि गाय अलग है.
3. आत्मसातकरण: नई जानकारी को बिना बदले अपने पुराने स्कीमा में फिट करना आत्मसातकरण है.
इस अवस्था में बच्चा इंद्रियों और शारीरिक क्रियाओं से सीखता है. इस अवस्था की सबसे बड़ी उपलब्धि वस्तु स्थायित्व है. यानी बच्चा समझ जाता है कि वस्तु छुप जाने पर भी खत्म नहीं होती. 8 से 12 महीने में यह विकसित होती है.
इस अवस्था में बच्चे में भाषा का विकास तेजी से होता है. बच्चा प्रतीकों और शब्दों का प्रयोग करने लगता है. लेकिन इसमें अहम् केंद्रवाद होता है. बच्चा सोचता है कि दुनिया वही देखती है जो वह देख रहा है. जीववाद भी होता है. बच्चा निर्जीव वस्तुओं को जीवित मानता है. जैसे बादल चल रहे हैं.
इस अवस्था में बच्चा तार्किक रूप से सोचना शुरू करता है. लेकिन सोच मूर्त वस्तुओं तक सीमित रहती है. इस अवस्था की मुख्य विशेषता संरक्षण है. बच्चा समझ जाता है कि वस्तु का आकार बदलने से मात्रा नहीं बदलती. विकेंद्रण और क्रमबद्धता का विकास भी होता है.
यह सबसे अंतिम अवस्था है. इसमें किशोर अमूर्त चिंतन करने लगता है. वह कल्पना कर सकता है और परिकल्पना बनाकर समस्या हल कर सकता है. वैज्ञानिक सोच इसी अवस्था में विकसित होती है.
प्रश्न 1: पियाजे के अनुसार 3 साल का बच्चा किस अवस्था में होगा?
उत्तर: पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था में.
प्रश्न 2: वस्तु स्थायित्व का संप्रत्यय किस अवस्था में विकसित होता है?
उत्तर: संवेदी-गामक अवस्था में, लगभग 8 से 12 महीने की उम्र में.
प्रश्न 3: संरक्षण का सिद्धांत किस अवस्था की विशेषता है?
उत्तर: मूर्त संक्रियात्मक अवस्था की.
1. बच्चों को खोजबीन करने का मौका दें.
2. उम्र के अनुसार शिक्षण सामग्री का प्रयोग करें.
3. बच्चों के गलत उत्तर पर डांटे नहीं बल्कि समझें कि उसकी सोच किस स्तर पर है.
निष्कर्ष: दोस्तों, पियाजे का सिद्धांत हमें बताता है कि हर उम्र में बच्चे का सोचने का तरीका अलग होता है. एक अच्छा शिक्षक वही है जो बच्चे के मानसिक स्तर को समझकर पढ़ाए.
Day 8 में हम वाइगोत्स्की का सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत पढ़ेंगे. पोस्ट अच्छी लगे तो शेयर जरूर करें.
अस्वीकरण: यह नोट्स CTET, UPTET, HTET जैसी शिक्षक पात्रता परीक्षाओं की तैयारी के लिए बनाए गए हैं.
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