सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Kohlberg Theory UPTET CDP Day 13 Notes Hindi + 30 MCQ

 

UPTET CDP Day 13: कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत

UPTET 2026 में CDP सबसे ज्यादा स्कोरिंग विषय है। आज Day 13 में पढ़ेंगे लॉरेंस कोहलबर्ग का नैतिक विकास का सिद्धांत जो हर साल UPTET में 1-2 प्रश्न आता है।



1. कोहलबर्ग कौन थे?

लॉरेंस कोहलबर्ग एक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक थे। इन्होंने पियाजे के काम को आगे बढ़ाया और बताया कि बच्चे का नैतिक विकास 3 स्तरों और 6 अवस्थाओं में होता है।

2. कोहलबर्ग के 3 स्तर और 6 अवस्थाएं - आसान ट्रिक से

स्तर अवस्था बच्चे की सोच UPTET उदाहरण
1. पूर्व-रूढ़िगत स्तर
0-9 वर्ष
अवस्था 1: दण्ड एवं आज्ञापालन सजा से बचना है "चोरी नहीं करूंगा वरना पिटाई होगी"
अवस्था 2: व्यक्तिगत हित मेरा फायदा क्या है? "दोस्त की मदद करूंगा तो वो भी करेगा"
2. रूढ़िगत स्तर
9-15 वर्ष
अवस्था 3: अच्छा लड़का/लड़की लोग अच्छा बोलेंगे "सच बोलूंगा ताकि मम्मी खुश हों"
अवस्था 4: कानून एवं व्यवस्था नियम का पालन करना है "लाल बत्ती पर रुकना चाहिए, नियम है"
3. उत्तर-रूढ़िगत स्तर
15+ वर्ष
अवस्था 5: सामाजिक समझौता समाज के लिए जो सही है "कानून गलत है तो बदलना चाहिए"
अवस्था 6: सार्वभौमिक नैतिकता अपनी अंतरात्मा/जमीर "गांधी जी ने अंग्रेजों का कानून तोड़ा क्योंकि मानवाधिकार के लिए गलत था"

3. याद करने की ट्रिक - "बस सल सु"

बचपन = सजा का डर
सवार्थ = अपना फायदा
समाज = अच्छा दिखना
ल= लॉ/कानून मानना
समझौता = समाज का भला
सुनो अंतरात्मा की

4. UPTET में कैसे प्रश्न आते हैं?

Q: एक बच्चा कहता है "मैं स्कूल इसलिए जाता हूँ ताकि टीचर मुझे गुड बॉय कहें"। यह कोहलबर्ग की कौन सी अवस्था है?
Ans: अवस्था 3 - अच्छा लड़का/लड़की अभिविन्यास

5. Day 14 में क्या पढ़ेंगे?

Topic: वाइगोत्स्की का सामाजिक विकास सिद्धांत
रोज CDP Notes के लिए ब्लॉग को Bookmark कर लें और Telegram जॉइन करें।

6. 30 महत्वपूर्ण MCQ नीचे दिए गए हैं 👇

UPTET, CTET, Super TET के लिए कोहलबर्ग थ्योरी के 30 MCQ हल करें।


*2️⃣ 30 MCQ - कोहलबर्ग सिद्धांत UPTET PYQ Based*


*Answer Key last me hai. Post ke neeche daal de:*


*1.* कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास की कितनी अवस्थाएं हैं?  

A) 3  B) 4  C) 6  D) 8


*2.* "चोरी नहीं करूंगा क्योंकि पुलिस पकड़ लेगी" यह कौन सी अवस्था है?  

A) अवस्था 1  B) अवस्था 3  C) अवस्था 4  D) अवस्था 6


*3.* रूढ़िगत स्तर की आयु सीमा क्या है?  

A) 0-9 वर्ष  B) 9-15 वर्ष  C) 15-20 वर्ष  D) 20+ वर्ष


*4.* "अच्छा लड़का/अच्छी लड़की" अभिविन्यास किस अवस्था में है?  

A) 1  B) 2  C) 3  D) 5


*5.* कोहलबर्ग ने अपना सिद्धांत किसके काम पर आधारित किया?  

A) फ्रायड  B) पियाजे  C) वाइगोत्स्की  D) स्किनर


*6.* उत्तर-रूढ़िगत स्तर की मुख्य विशेषता क्या है?  

A) सजा का डर  B) कानून का अंधा पालन  C) आत्म-स्वीकृत नैतिक सिद्धांत  D) पुरस्कार की इच्छा


*7.* "कानून गलत है तो उसे बदल देना चाहिए" यह कथन किस अवस्था का है?  

A) अवस्था 3  B) अवस्था 4  C) अवस्था 5  D) अवस्था 6


*8.* पूर्व-रूढ़िगत स्तर में बच्चे का नैतिक तर्क किस पर आधारित होता है?  

A) सामाजिक नियम  B) व्यक्तिगत सिद्धांत  C) सजा और पुरस्कार  D) मानव अधिकार


*9.* अवस्था 4 "कानून एवं व्यवस्था" किस स्तर के अंतर्गत आती है?  

A) पूर्व-रूढ़िगत  B) रूढ़िगत  C) उत्तर-रूढ़िगत  D) इनमें से कोई नहीं


*10.* कोहलबर्ग के अनुसार नैतिकता का सबसे उच्च स्तर कौन सा है?  

A) अवस्था 3  B) अवस्था 4  C) अवस्था 5  D) अवस्था 6


*11.* "मैं नियम इसलिए मानता हूँ ताकि समाज सुचारू रूप से चले" यह किस अवस्था को दर्शाता है?  

A) 2  B) 4  C) 5  D) 6


*12.* 7 साल का बच्चा चोरी से क्यों बचता है? कोहलबर्ग के अनुसार -  

A) उसकी अंतरात्मा मना करती है  B) सजा मिलने के डर से  C) समाज बुरा मानेगा  D) कानून का सम्मान


*13.* "सामाजिक समझौता अभिविन्यास" किस अवस्था का दूसरा नाम है?  

A) अवस्था 3  B) अवस्था 4  C) अवस्था 5  D) अवस्था 6


*14.* कोहलबर्ग ने नैतिक दुविधा की कहानियां क्यों इस्तेमाल की?  

A) बच्चों का IQ जांचने  B) नैतिक तर्क के स्तर को मापने  C) याददाश्त जांचने  D) भाषा विकास देखने


*15.* "Heinz Dilemma" किससे संबंधित है?  

A) पियाजे  B) कोहलबर्ग  C) वाइगोत्स्की  D) ब्रूनर


*16.* अवस्था 2 का नाम क्या है?  

A) दण्ड अभिविन्यास  B) साधनात्मक सापेक्षवादी  C) पारस्परिक संबंध  D) सामाजिक व्यवस्था


*17.* कौन सी अवस्था में व्यक्ति "मानव जीवन का मूल्य" कानून से ऊपर मानता है?  

A) अवस्था 4  B) अवस्था 5  C) अवस्था 6  D) अवस्था 2


*18.* रूढ़िगत स्तर में व्यक्ति किसे प्रसन्न करना चाहता है?  

A) स्वयं को  B) कानून को  C) समाज और परिवार को  D) ईश्वर को


*19.* कोहलबर्ग के अनुसार अधिकतर वयस्क किस स्तर तक पहुंच पाते हैं?  

A) पूर्व-रूढ़िगत  B) रूढ़िगत  C) उत्तर-रूढ़िगत  D) सभी समान


*20.* "मैं दुकानदार की मदद करूंगा ताकि वो भी मेरी मदद करे" - यह कौन सी अवस्था है?  

A) 1  B) 2  C) 3  D) 4


*21.* अवस्था 6 में नैतिक निर्णय का आधार क्या होता है?  

A) कानून  B) धर्म  C) सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत  D) समाज का दबाव


*22.* कोहलबर्ग का सिद्धांत किस प्रकार का सिद्धांत है?  

A) व्यवहारवादी  B) संज्ञानात्मक विकासवादी  C) मनोविश्लेषणात्मक  D) मानवतावादी


*23.* "बच्चे को लगता है कि नियम बदले नहीं जा सकते" यह किस स्तर की सोच है?  

A) पूर्व-रूढ़िगत  B) रूढ़िगत  C) उत्तर-रूढ़िगत  D) सभी


*24.* अवस्था 1 और अवस्था 2 में क्या अंतर है?  

A) कोई अंतर नहीं  B) 1 में सजा का डर, 2 में व्यक्तिगत लाभ  C) 1 में लाभ, 2 में सजा  D) 1 उच्च है 2 से


*25.* UPTET 2021 में पूछा गया: नैतिक विकास का संबंध किससे है?  

A) केवल बुद्धि से  B) केवल भावना से  C) संज्ञानात्मक विकास से  D) केवल शारीरिक विकास से


*26.* "मैं टैक्स चुकाता हूँ क्योंकि यह नागरिक कर्तव्य है" - कोहलबर्ग की कौन सी अवस्था?  

A) 2  B) 3  C) 4  D) 5


*27.* कोहलबर्ग के अनुसार नैतिक विकास रुक सकता है यदि -  

A) संज्ञानात्मक विकास रुक जाए  B) शारीरिक विकास रुक जाए  C) पैसा न हो  D) स्कूल न जाए


*28.* किस अवस्था में व्यक्ति पहली बार "समाज के नियम" समझता है?  

A) अवस्था 2  B) अवस्था 3  C) अवस्था 4  D) अवस्था 5


*29.* "सार्वभौमिक न्याय के सिद्धांत" किस अवस्था में विकसित होते हैं?  

A) 3  B) 4  C) 5  D) 6


*30.* कोहलबर्ग की थ्योरी की आलोचना किस आधार पर हुई?  

A) केवल लड़कों पर अध्ययन  B) पश्चिमी संस्कृति पर आधारित  C) नैतिक तर्क ≠ नैतिक व्यवहार  D) उपरोक्त सभी


*Answer Key:*  

1-C, 2-A, 3-B, 4-C, 5-B, 6-C, 7-C, 8-C, 9-B, 10-D, 11-B, 12-B, 13-C, 14-B, 15-B, 16-B, 17-C, 18-C, 19-B, 20-B, 21-C, 22-B, 23-B, 24-B, 25-C, 26-C, 27-A, 28-C, 29-D, 30-D


टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गणित सीखने-सिखाने का सही क्रम क्या होना चाहिए?

बच्चों के पास स्कूल आने से पहले गणित से सम्बन्धित अनेक अनुभव पास होते हैं बच्चों के तमाम खेल ऐसे जिनमें वे सैंकड़े से लेकर हजार तक का हिसाब रखते हैं। वे अपने खेलों में चीजों का बराबर बँटवारा कर लेते हैं।  अपनी चीजों का हिसाब रखते हैं। छोटा-बड़ा, कम-ज्यादा, आगे-पीछे, उपर-नीचे, समूह बनाना, तुलना करना, गणना करना, मुद्रा की पहचान, दूरी का अनुमान, घटना-बढ़ना जैसी तमाम अवधारणाओं से बच्चे परिचित होते हैं।  हम बच्चों को प्रतीक ही सिखाते हैं। उनके अनुभवों को प्रतीकों से जोड़ना महत्वपूर्ण है। गणित मूर्त और अमूर्त से जुड़ने और जूझने का प्रयास है अवधारणाएँ अमूर्त होती हैं चाहे विषय कोई भी हो।  गणितीय अमूर्तता को मूर्त, ठोस चीजों की मदद से सरल बनाया जा सकता है। जब मूर्त को अमूर्त से जोड़ा जाता है तो अमूर्त का अर्थ स्पष्ट हो जाता है।  प्रस्तुतीकरण के तरीकों से भी कई बार गणित अमूर्त प्रतीत होने लगता है। शुरुआती दिनों में गणित सीखने में ठोस वस्तुओं की भूमिका अहम होती है इस उम्र में बच्चे स्वाभाविक तौर पर तरह-तरह की चीजों से खेलते हैं, उन्हें जमाते. बिगाड़ते और फिर से जमाते हैं।...

UPTET 2026 Paper 2 Mega Revision | 4 Hour Final Revision | Complete Notes in Hindi | 100+ Score

*Isko 4 ghante rat le = 100+ pakka. Negative nahi hai to 150 bhar ke aana.* *1. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र CDP - 30 अंक* *A. मनोवैज्ञानिक - 10 Qs Pakke:* 1. *पियाजे:* S-P-C-F = संवेदी 0-2, पूर्व-संक्रियात्मक 2-7, मूर्त 7-11, औपचारिक 11+  2. *कोहलबर्ग:* सजा से डर > कानून मानना > इंसानियत. `Pre-Conventional, Conventional, Post-Conventional` 3. *वाइगोत्स्की:* ZPD = `जो अकेले नहीं कर सकता, मदद से कर ले`. Scaffolding = मदद करना 4. *मास्लो:* रोटी > सुरक्षा > प्यार > इज्जत > आत्मसिद्धि 5. *थार्नडाइक:* प्रयास एवं त्रुटि का नियम. अभ्यास का नियम सबसे जरूरी *B. समावेशी शिक्षा + NEP - 10 Qs Pakke:* 6. *NCF 2005:* बाल केंद्रित, बिना बोझ के पढ़ाई, रटने पर रोक 7. *NEP 2020:* 5+3+3+4, 3 साल बालवाटिका, मातृभाषा कक्षा 5 तक 8. *CCE:* सतत + व्यापक = रोज जांचना + हर हुनर जांचना 9. *समावेशी शिक्षा:* दिव्यांग + सामान्य बच्चे साथ पढ़ेंगे 10. *RTE 2009:* अनुच्छेद 21A, 6-14 साल मुफ्त अनिवार्य शिक्षा *C. अधिगम अक्षमता - 5 Qs:* 11. *डिस्लेक्सिया:* पढ़ने में दिक्कत | *डिस्ग्राफिया:* लिखने मे...

गणित में जोड़ शिक्षण के तरीके और गतिविधियां, देखें गतिविधियों के माध्यम से

गणित सीखने-सिखाने के परम्परागत तरीकों में गणित सीखने की प्रक्रिया की लगातार होती गयी है और धीरे-धीरे वह परिणाम आधारित हो गयी।  आप भी अपनी कक्षा में यही सब नहीं कर रहे हैं? कैसा माहौल रहता है आपकी गणित की कक्षा में? इसी माहौल से गुजर कर आपके सवालों के सही जवाब भी देने लगते होंगे।  पर क्या आपने जानने की कोशिश की कि ने सही जवाब देने के लिए किस प्रक्रिया को अपनाया? एक साधारण जोड़ को बच्चे ने इस प्रकार किया।   यहाँ विचार करें तो आप पाते हैं कि पहले प्रश्न को बच्चे ने सही हल किया परन्तु दूसरे शल में वही प्रक्रिया अपनाने के बाद भी क्यों उसका उत्तर सही नहीं हैं? क्या हमारी लक्ष्य केवल इतना है कि बच्चा जोड़ना सीख लें? या उसमें जोड़ करने की प्रक्रिया की समझ भी विकसित करनी है वास्तव में जोड़ की समझ के विकास में निहित है। दो या अधिक वस्तुओं या चीजों को एक साथ मिलने से परिणाम के रूप में वस्तुओं की संख्या का बढ़ना। स्थानीय मान का शामिल होना। . यह समझना है कि हासिल अर्थात जोड़ की क्रिया में परिणाम दस या अधिक होने पर दहाई की संख्या अपने बायें स्थित दहाइयों में जुड़ती हैं जिसे हासिल समझा ...