सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

Super 30 Warm Up Day 1: CDP के 5 MCQ, कल से रोज 30 MCQ



Super 30 Warm Up Day 1: CDP के 5 MCQ

UPTET/CTET 2026 Special

1. पियाजे के अनुसार संवेदी-गामक अवस्था की अवधि है?
A) जन्म से 2 वर्ष
B) 2 से 7 वर्ष
C) 7 से 11 वर्ष
D) 11 से ऊपर
Ans: A) जन्म से 2 वर्ष

2. "सीखना व्यवहार में परिवर्तन है" यह परिभाषा किसने दी?
A) स्किनर
B) गेट्स
C) वुडवर्थ
D) क्रो एंड क्रो
Ans: B) गेट्स

3. NCF 2005 के अनुसार बच्चे के आकलन का आधार होना चाहिए?
A) वार्षिक परीक्षा
B) सतत एवं व्यापक मूल्यांकन CCE
C) केवल लिखित परीक्षा
D) गृहकार्य
Ans: B) सतत एवं व्यापक मूल्यांकन CCE

4. कोहलबर्ग के नैतिक विकास सिद्धांत में कितने स्तर हैं?
A) 3 स्तर, 6 अवस्थाएं
B) 4 स्तर, 8 अवस्थाएं
C) 2 स्तर, 4 अवस्थाएं
D) 5 स्तर, 10 अवस्थाएं
Ans: A) 3 स्तर, 6 अवस्थाएं

5. बहु-बुद्धि सिद्धांत के जनक कौन हैं?
A) थॉर्नडाइक
B) हॉवर्ड गार्डनर
C) बिने-साइमन
D) स्पीयरमैन
Ans: B) हॉवर्ड गार्डनर

Note: कल से रोज 30 MCQ मिलेंगे. Super 30 Series Follow करें.

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गणित सीखने-सिखाने का सही क्रम क्या होना चाहिए?

बच्चों के पास स्कूल आने से पहले गणित से सम्बन्धित अनेक अनुभव पास होते हैं बच्चों के तमाम खेल ऐसे जिनमें वे सैंकड़े से लेकर हजार तक का हिसाब रखते हैं। वे अपने खेलों में चीजों का बराबर बँटवारा कर लेते हैं।  अपनी चीजों का हिसाब रखते हैं। छोटा-बड़ा, कम-ज्यादा, आगे-पीछे, उपर-नीचे, समूह बनाना, तुलना करना, गणना करना, मुद्रा की पहचान, दूरी का अनुमान, घटना-बढ़ना जैसी तमाम अवधारणाओं से बच्चे परिचित होते हैं।  हम बच्चों को प्रतीक ही सिखाते हैं। उनके अनुभवों को प्रतीकों से जोड़ना महत्वपूर्ण है। गणित मूर्त और अमूर्त से जुड़ने और जूझने का प्रयास है अवधारणाएँ अमूर्त होती हैं चाहे विषय कोई भी हो।  गणितीय अमूर्तता को मूर्त, ठोस चीजों की मदद से सरल बनाया जा सकता है। जब मूर्त को अमूर्त से जोड़ा जाता है तो अमूर्त का अर्थ स्पष्ट हो जाता है।  प्रस्तुतीकरण के तरीकों से भी कई बार गणित अमूर्त प्रतीत होने लगता है। शुरुआती दिनों में गणित सीखने में ठोस वस्तुओं की भूमिका अहम होती है इस उम्र में बच्चे स्वाभाविक तौर पर तरह-तरह की चीजों से खेलते हैं, उन्हें जमाते. बिगाड़ते और फिर से जमाते हैं।...

UPTET 2026 Paper 2 Mega Revision | 4 Hour Final Revision | Complete Notes in Hindi | 100+ Score

*Isko 4 ghante rat le = 100+ pakka. Negative nahi hai to 150 bhar ke aana.* *1. बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र CDP - 30 अंक* *A. मनोवैज्ञानिक - 10 Qs Pakke:* 1. *पियाजे:* S-P-C-F = संवेदी 0-2, पूर्व-संक्रियात्मक 2-7, मूर्त 7-11, औपचारिक 11+  2. *कोहलबर्ग:* सजा से डर > कानून मानना > इंसानियत. `Pre-Conventional, Conventional, Post-Conventional` 3. *वाइगोत्स्की:* ZPD = `जो अकेले नहीं कर सकता, मदद से कर ले`. Scaffolding = मदद करना 4. *मास्लो:* रोटी > सुरक्षा > प्यार > इज्जत > आत्मसिद्धि 5. *थार्नडाइक:* प्रयास एवं त्रुटि का नियम. अभ्यास का नियम सबसे जरूरी *B. समावेशी शिक्षा + NEP - 10 Qs Pakke:* 6. *NCF 2005:* बाल केंद्रित, बिना बोझ के पढ़ाई, रटने पर रोक 7. *NEP 2020:* 5+3+3+4, 3 साल बालवाटिका, मातृभाषा कक्षा 5 तक 8. *CCE:* सतत + व्यापक = रोज जांचना + हर हुनर जांचना 9. *समावेशी शिक्षा:* दिव्यांग + सामान्य बच्चे साथ पढ़ेंगे 10. *RTE 2009:* अनुच्छेद 21A, 6-14 साल मुफ्त अनिवार्य शिक्षा *C. अधिगम अक्षमता - 5 Qs:* 11. *डिस्लेक्सिया:* पढ़ने में दिक्कत | *डिस्ग्राफिया:* लिखने मे...

गणित में जोड़ शिक्षण के तरीके और गतिविधियां, देखें गतिविधियों के माध्यम से

गणित सीखने-सिखाने के परम्परागत तरीकों में गणित सीखने की प्रक्रिया की लगातार होती गयी है और धीरे-धीरे वह परिणाम आधारित हो गयी।  आप भी अपनी कक्षा में यही सब नहीं कर रहे हैं? कैसा माहौल रहता है आपकी गणित की कक्षा में? इसी माहौल से गुजर कर आपके सवालों के सही जवाब भी देने लगते होंगे।  पर क्या आपने जानने की कोशिश की कि ने सही जवाब देने के लिए किस प्रक्रिया को अपनाया? एक साधारण जोड़ को बच्चे ने इस प्रकार किया।   यहाँ विचार करें तो आप पाते हैं कि पहले प्रश्न को बच्चे ने सही हल किया परन्तु दूसरे शल में वही प्रक्रिया अपनाने के बाद भी क्यों उसका उत्तर सही नहीं हैं? क्या हमारी लक्ष्य केवल इतना है कि बच्चा जोड़ना सीख लें? या उसमें जोड़ करने की प्रक्रिया की समझ भी विकसित करनी है वास्तव में जोड़ की समझ के विकास में निहित है। दो या अधिक वस्तुओं या चीजों को एक साथ मिलने से परिणाम के रूप में वस्तुओं की संख्या का बढ़ना। स्थानीय मान का शामिल होना। . यह समझना है कि हासिल अर्थात जोड़ की क्रिया में परिणाम दस या अधिक होने पर दहाई की संख्या अपने बायें स्थित दहाइयों में जुड़ती हैं जिसे हासिल समझा ...