UP Shiksha Mitra Regularisation News : शिक्षामित्रों जो रेगुलर करने को लेकर कोर्ट का बड़ा आदेश, इस महीनें मिली दूसरी खुशखबरी

इलाहाबाद हाई कोर्ट से यूपी के शिक्षामित्रों को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कोर्ट ने राज्य सरकार को शिक्षामित्रों की सेवा नियमित करने के मामले में फैसला लेने का निर्देश दिया है। अदालत ने साफ कहा है कि इस मामले में सरकार तय समय के भीतर विचार करे और उचित निर्णय ले। 


लंबे समय से शिक्षामित्र अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग कर रहे हैं और इस मुद्दे को लेकर कई बार अदालत का दरवाजा भी खटखटा चुके हैं। ऐसे में हाई कोर्ट के इस आदेश को शिक्षामित्रों के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है और इससे हजारों शिक्षामित्रों को नई उम्मीद मिली है।

शिक्षामित्रों के मामले में हाई कोर्ट का निर्देश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को शिक्षामित्रों की सेवा नियमित करने के मामले में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। अदालत ने यह आदेश जागो व श्रीपाल केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के आधार पर दिया है। 

कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता अपने-अपने प्रत्यावेदन तीन सप्ताह के भीतर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को दें। इसके बाद अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा को दो महीने के भीतर इन प्रत्यावेदनों पर विचार करना होगा और शिक्षामित्रों के नियमितीकरण के मामले में उचित फैसला लेना होगा।

कोर्ट में कैसे पहुंचा मामला

यह आदेश न्यायमूर्ति मंजूरानी चौहान ने तेज बहादुर मौर्य और 114 अन्य शिक्षामित्रों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचियों की ओर से अधिवक्ता सत्येंद्र चंद्र त्रिपाठी ने पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में लंबे समय से शिक्षामित्र के रूप में काम कर रहे हैं और कई सालों से लगातार पढ़ाने का काम कर रहे हैं।

 याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने लंबे समय तक शिक्षा व्यवस्था में अपनी सेवाएं दी हैं, इसलिए उनकी सेवाओं को देखते हुए उन्हें सहायक अध्यापक के पद पर नियमित किए जाने पर विचार किया जाना चाहिए, ताकि उनकी नौकरी और भविष्य दोनों सुरक्षित हो सकें।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले का भी दिया गया हवाला

याचियों की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के 11 जून 2025 के आदेश के आधार पर शिक्षामित्र नियमित किए जाने के हकदार हैं। 

वहीं सरकार की ओर से दलील दी गई कि इस तरह के मामलों में पहले भी विशेष अपील खारिज हो चुकी है और यह सरकार की नीति से जुड़ा विषय है। हालांकि कोर्ट ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह याचियों के मामलों पर तय समय सीमा के भीतर विचार कर फैसला ले।


स्टॉफ सिलेक्शन कमीशन(SSC)में कुल15,130 पदों पर भर्ती, 9 मार्च को खुलेंगे ऑप्शन कम प्रेफरेंस विंडो

स्टॉफ सिलेक्शन कमीशन ने कुल15,130 पदों पर भर्ती के लिए वैकेंसी चार्ट जारी कर दी हैl

जो भी उम्मीदवार लंबे समय से सरकारी नौकरी की तलाश में जुटे हुए हैं, उनके लिए स्टॉफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) ने कंबाइंड ग्रेजुएशट लेवल एग्जामिनेशन के लिए लास्ट वैकेंसी चार्ट जारी कर दिया है. जारी हुए आंकड़ों के अनुासर, कुल 15 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगीl


 बता दें कि यह भर्ती केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों और सरकारी संगठनों में की जाएगी. 

हर साल बड़ी संख्या में होती है भर्ती 

CGL परीक्षा के जरिए हर साल बड़ी संख्या में ग्रेजुएट लेवल के उम्मीदवारों को नौकरी मिलती है. जारी हुए नोटिस में आयोग ने यह भी साफ कर दिया है कि उम्मीदवारों को अपनी पसंद की सीट चुनने के लिए ऑप्शन कम प्रेफरेंस विंडो को मार्च में ओपन किया जाएगा. इसके साथ ही उम्मीदवारों को किसी तरह की दुविधा का सामना न करने पड़े इसके लिए आयोग ने ऑफिशियल वेबसाइट पर सैंपल ऑप्शन फॉर्म भी जारी किया हैl  

जारी हुई लास्ट वैकेंसी चार्ट के मुताबिक, कुल 15, 130 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा. चयनित उम्मीदवारों को सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों में काम करने का मौका मिलेगा. 

कैटेगरी के मुताबिक पदों का बंटवारा 

आयोग की ओर से जारी आंकड़ों में सभी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आरक्षण के मुताबिक पद निर्धारित किया गया है. इनमें अनारक्षित (UR) 6,464 पद, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) 3,834 पद, अनुसूचित जाति (SC)  2,223 पद, अनुसूचित जनजाति (ST)  1,134 पद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) 1,475 पद शामिल हैं.

9 मार्च को खुलेंगे ऑप्शन कम प्रेफरेंस विंडो 

बता दें कि आयोग ने बताया है कि विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवारों को अपनी पहली पसंद भरनी होगी जिसके लिए ऑप्शन कम प्रेफरेंस विंडो 9 मार्च को खुलेंगेl

 अभ्यर्थियों को ऑनलाइन लॉगिन कर बताना होगा कि वे किन-किन पदों को प्राथमिकता देना चाहते हैं. इसके आधार पर ही अंतिम चरण और पदों का आवंटन आगे बढ़ेगा. 

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